लाइव पलामू न्यूज़/गढ़वा : जेएसएससी द्वारा आयोजित झारखण्ड सामान्य स्नातक स्तर योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा JSSC-CGL परीक्षा दूसरे दिन भी शांतिपूर्ण व कदाचार मुक्त वातावरण में सम्पन्न हो गई। जिले में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए थें। जिनमें कदाचार मुक्त एवं स्वच्छ व शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा के आयोजन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम एवं सभी गाईड लाइन्स का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित कराया गया था।
सभी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरा लगाए गए। इधर परीक्षा सम्पन्न होने के पश्चात उपायुक्त शेखर जमुआर एवं पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिले में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए थें। जहां पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट, पुलिस कर्मी एवं इन्विजिलेटर की प्रतिनियुक्ति की गई थी। आज की परीक्षा में कुल 10,549 परीक्षार्थियों के जगह पर 7,009 परीक्षार्थी शामिल हुए, जबकि 3540 परीक्षार्थी अनुपस्थित थें।
उन्होंने आगे कहा कि जिला कोषागार से दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी/फोर्स की निगरानी में परीक्षा केंद्रों के लिए प्रश्न पत्र के बक्सों को ससमय भिजवाया गया। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सभी गाईडलाइंस का अनुपालन करते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर पूरी चेकिंग के साथ परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्रों में प्रवेश कराया गया। वहीं एसपी ने कहा कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा स्वच्छ, शांतिपूर्ण व कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न कराया गया है। कहीं से भी किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिली है।
सफलतापूर्वक परीक्षा आयोजन कराने हेतु सुरक्षा के दृष्टिकोण से 250 की संख्या में पुलिस बल लगाए गए थें। पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन के सहयोग से दोनों दिन परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक संचालित किया गया। भविष्य में भी ऐसी परीक्षाओं के आयोजनों को पूर्ण तैयारी से कराने को लेकर पुलिस प्रशासन प्रतिबद्ध है। वहीं प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर हेल्पलाइन डेस्क की भी व्यवस्था की गई थी। जिससे कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो।
साथ ही जिले के विभिन्न आश्रयगृहों, होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशाला आदि के मालिकों से समन्वय स्थापित किया गया था। ताकि परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को जिले में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े एवं जिले की छवि पर बुरा प्रभाव न पड़े।