मेदिनीनगर : सोमवार को वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की कपड़ा बैंक ईकाई और उपेक्षित मातृभूमि पलामू टीम के सदस्य लेस्लीगंज के लोटवा गांव पहुंचे। यह वही जगह है जहां एक महिला ने बिमारी और भूखमरी से तंग आकर अपने दुधमुंहे बच्चे को महज पचास हजार में बेच दिया था। मिडिया की तत्परता और सरकार की पहल पर बच्चा सकुशल मां के पास आ गया लेकिन यह परिवार सभी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।

जिसके मद्देनजर वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की सचिव शर्मिला वर्मा और डॉक्टर अमितू सिंह ने पांचों बच्चों और माता पिता को नये कपड़े दिए ताकि यह परिवार आम लोगों की तरह ही दुर्गापूजा का त्योहार खुशी खुशी मना सके। मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश सिंह ने उन्हें सरकारी मदद दिलाने का वादा किया । इस दौरान पांकी की मंजूलता और महरेजा की अनामिका सिंह मौजूद थीं। इसके साथ ही रवि शर्मा और पंकज प्रसून भी उपस्थित थें।

इस टीम ने यह वादा किया कि समय समय पर यहां आकर हमसब इनलोग की हरसंभव मदद करते रहेंगें।टीम वरदान से सौभाग्य सृजन ने इन्हें अपने बच्चों की शिक्षा के लिए प्रेरित किया। उल्लेखनीय है कि आधार कार्ड नहीं होने के कारण न तो इन्हें सरकारी लाभ मिल पा रहा है न बच्चे स्कूल जा पा रहे हैं। टीम ने अपील किया कि सबों के सामूहिक प्रयास से इनका जीवन बदल सकता है , आप सब भी इनकी मदद के लिए आगे आएं।

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