लाइव पलामू न्यूज: नए साल में सीएम ने राज्य की आधी आबादी को बड़ा तोहफा दिया। दरअसल, सोमवार को नामकुम के खोजाटोली मैदान में आयोजित मंईयां सम्मान योजना कार्यक्रम में सीएम हेमंत सोरेन ने 56 लाख 61 हजार 791 महिलाओं के खाते में 1415 करोड़ 44 लाख 77 हजार रुपए ट्रांसफर किए। अब राज्य की 18 से 50 साल तक महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रुपए मिलेंगे।

मौके पर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हमलोग एक नई ऊंचाई को छूने की तैयारी में जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह राज्य सदियों से गरीबी, पिछड़ापन, कुपोषण, शोषण, विस्थापन सहित कई तरह की प्रताड़नाओं से गुजरता रहा है। जबकि आजादी के बाद इस राज्य ने पूरे देश का पेट भरने का काम किया। यहां के लोग भूखे, प्यासे और नंगे बदन रहने को मजबूर हैं। गरीबी दूर करने और महिला सशक्तिकरण के लिए राज्य़ और देश में कानून भी बने। लेकिन पिछड़ापन कम नहीं हुआ।
संकल्प तो भारत को विश्व गुरू बनाने का लिया जाता है, लेकिन यह बड़ी विचित्र बात है लेकिन आधी आबादी विकास से कोसों दूर है। ऐसे में देश और राज्य का विकास कैसे हो सकता है। आज महिला और पुरूष कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की क्षमता रखते हैं, लेकिन महिलाओं की ताकत का रास्ता नहीं निकला। पिछले चुनाव में महिलाओं ने कमाल कर दिया। आधी आबादी के हक और अधिकार और उन्हें स्वालंबी बनाने का संकल्प लिया गया था, इसी कड़ी में ये कदम उठाया गया।
सीएम ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि काफी सारे राजनीतिक संगठन महिला सशक्तिकरण पर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। हम जब महिलाओं को 1000 रुपए दे रहे थे, तो मजाक उड़ाया जा रहा था। कहते थें हम भी 2100 रुपए देंगे। चुनौती देते थे कि रूपया कहां से मिलेगा। हमने भी उनसे पूछा तुम कहां से लाओगे। तब कुछ नेताओं ने कहा कि चुनाव हो जाने दीजिए तब सोचेंगे। ये झूठे वायदे करते हैं, दिग्भ्रमित करते हैं। जब चुनाव आता है तो वोट मांगने के लिए स्टार प्रचारक गांव-शहर में वोट मांगने चले जाते हैं। लेकिन आपलोगों ने चुनाव में हमारी बात मानी और हमें चुना। सीएम ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कई चीजें तेजी से बदलेंगे। राशन, बिजली फ्री किया गया। धोती-साड़ी से लेकर बच्चों की पढ़ाई लिखाई तक में मदद की जा रही है। पैसे का मूल्य महिलाओं से ज्यादा कोई नहीं जान सकता। ईमानदारी से यह व्यवस्था चलेगी तो गरीबी और पिछड़ापन का कालिख मिटने में देर नहीं लगेगी।