मेदिनीनगर : कांदू मोहल्ला में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना को लेकर शहर की प्रथम महापौर अरुणा शंकर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व वार्ड पार्षद सुषमा आहूजा के पति एवं पूर्व मुखिया नवीन कुमार तथा अजीत कुमार गुप्ता पर हुए जानलेवा हमले की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि “एक बार फिर हमारा शहर तपने लगा है।” इस घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रथम महापौर अरुणा शंकर ने कहा कि कुछ समय पहले तक मेदिनीनगर में अपराध लगभग समाप्ति की ओर था, लेकिन जैसे-जैसे नगर निगम चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि समय रहते अपराधियों पर लगाम नहीं लगाई गई तो इसका सीधा असर शहर के माहौल और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ेगा।
अपराधियों को जल्द गिरफ्तार करे प्रशासन
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस घटना में शामिल अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए। अरुणा शंकर ने कहा कि अगर अपराध पर तुरंत अंकुश नहीं लगाया गया तो एक बार फिर शहर से व्यवसाइयों का पलायन शुरू हो सकता है, जो मेदिनीनगर के विकास के लिए घातक होगा।

डॉक्टर से मुलाकात कर वस्तुस्थिति का लिया जायजा
घटना के बाद प्रथम महापौर अरुणा शंकर नारायण हॉस्पिटल पहुंचीं, जहां उन्होंने घायल नवीन कुमार की पत्नी सुषमा आहूजा से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि नवीन कुमार एक अच्छे चिकित्सक के उपचार में हैं और उनका ऑपरेशन सफल होगा, ऐसी पूरी उम्मीद है। अरुणा शंकर ने अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टर राहुल अग्रवाल से भी मुलाकात कर नवीन कुमार की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली।
डॉ. राहुल अग्रवाल ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि नवीन कुमार को बेहतर इलाज यहीं उपलब्ध कराया जाए और उन्हें बाहर रेफर करने की आवश्यकता न पड़े। अस्पताल में बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य लोग एवं आम नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने घटना पर दुख और आक्रोश व्यक्त किया।
अपराधमुक्त शहर बनाना सबकी जिम्मेदारी
प्रथम महापौर ने नवीन कुमार एवं अजीत कुमार गुप्ता के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि शहर की शांति, सुरक्षा और भरोसे को बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अंत में कहा कि मेदिनीनगर को अपराध मुक्त बनाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है और इसके लिए सख्त कदम उठाना अब समय की मांग है।