लाइव पलामू न्यूज : डाल्टनगंज के कांदू मुहल्ले में एक नाबालिग बच्ची के दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई। जो कि अत्यंत ही निंदनीय और शर्मनाक है। ऐसी घटनाएं यह सोचने को विवश करती है कि आखिर हमारा समाज किस ओर जा रहा है? मानव के भेष में लोग दानव जैसी हरकत कर रहे हैं , दोषी कौन है?मोबाइल, नशापान, संस्कारहीन शिक्षा प्रणाली , लचर कानून व्यव्स्था, समाज या बेटियों का शारीरिक रूप से कमजोर होना।

ये कहना है कि मातृत्व संघ पलामू की अध्यक्ष सह वरदान चेरिटेबल ट्रस्ट की सचिव शर्मिला वर्मा का। उन्होंने कहा कि ये तमाम कारण इसके पीछे हो सकते हैं। लेकिन सबसे बड़ा कारण है ऐसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई न होना। ऐसे अपराधों में बिना कोई देर किए तुरंत छानबीन करके सजा का प्रावधान हो।गिरफ्तारी, जेल और फिर पैसे ,पैरवी के दम पर जमानत हो जाना ही ऐसी घटनाओ के बार बार होने का सबसे बड़ा कारण है। सजा ऐसी हो कि दुबारा ऐसे जघन्य अपराध करने की हिम्मत किसी की न हो ।
बेटियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देना सभी स्कूलों में अनिवार्य हो ।माता पिता भी नृत्य, संगीत सिखाने के अलावा सेल्फ डिफेंस बेटियों को जरूर सिखाएं। जूडो कराटे के जरिए काफी हद तक बेटियां अपना बचाव कर सकती हैं।सिर्फ बेटियों की अभिभावकों को ही नहीं बल्कि बेटों के अभिभावकों को भी काफी सतर्क रहने की जरूरत है तभी समाज से ऐसी घटनाएं समाप्त होंगीं।
सिर्फ कैंडल मार्च निकालना, सड़क जाम करना , मुआवजा राशि प्रदान करना इस समस्या का समुचित समाधान नहीं है।कठोर से कठोर दंड, वो भी जल्द से जल्द देकर ही इन घटनाओ में कमी लाई जा सकती है।