मेदिनीनगर : नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) एक बार फिर छात्रों के आंदोलन का केंद्र बन गया है। विश्वविद्यालय में फैले पीएचडी घोटाला, विवेकानंद मूर्ति निर्माण घोटाला, शिक्षक भर्ती में अनियमितता और नामांकन में देरी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर आज से एनएसयूआई द्वारा अनिश्चितकालीन आमरण अनशन की शुरुआत की गई।

छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक कुल 14 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार छात्रहित के मामलों में लापरवाही बरत रहा है, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ता जा रहा है।

अनशन पर बैठे प्रमुख छात्र नेता:

रिशु दुबे (कॉलेज अध्यक्ष)

हसीन बिस्मिल, गुलाम नबी, रोशन कुमार,

बशंत सिंह, सत्य प्रकाश, रशीद अंसारी,

अंकित कुमार, दीपक कुमार, रामचंद्र कुमार,

आशीष कुमार ठाकुर (एनएसयूआई विश्वविद्यालय अध्यक्ष)

सत्य प्रकाश (छात्र नेता)

इन छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य भवन के समीप शांति पूर्ण ढंग से धरना शुरू किया है। प्रदर्शन स्थल पर NSUI का बैनर लहराते हुए साफ संदेश दे रहा है
“शिक्षा पर हमला बंद करो, भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करो!”

वहीं एनएसयूआई अध्यक्ष आशीष कुमार ठाकुर ने कहा:
“छात्रों की आवाज को बार-बार दबाया गया है। अब समय आ गया है कि इन घोटालों पर कार्रवाई हो और छात्रों को उनका हक मिले। हम तब तक नहीं हटेंगे जब तक हमारी 14 मांगें पूरी नहीं होतीं।”

प्रशासन की चुप्पी अब सवालों के घेरे में है। आंदोलन को देखते हुए विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और छात्रों में आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है।

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