गढ़वा : गुरुवार को उपायुक्त दिनेश यादव की अध्यक्षता में  कृषि विभाग की जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न की गई। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (संयुक्त कृषि) अंतर्गत कृषि, मत्स्य, पशुपालन, गव्य, भूमि संरक्षण व सहकारिता विभाग से प्राप्त प्रतिवेदनों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए योजनाओं के कार्यान्वयन संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए केंद्र प्रायोजित एवं राज्य प्रायोजित योजनाओं के समीक्षा की गई, जिसमें राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं प्रौद्योगिकी मिशन (एनएमएईटी), प्रति बूंद अधिक फसल पीडीएमसी-आरकेवीवाई, एनएमईओ- खाद्य तिलहन (खरीफ मौसम एवं रबी मौसम), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन- (एनएफएसएम)(खरीफ मौसम एवं रबी मौसम), वर्षा आधारित क्षेत्र विकास- (RAD) एवं मृदा स्वास्थ्य उर्वरता योजना जैसे केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं अब तक प्राप्त उपलब्धियों से संबंधित प्रतिवेदन का उपायुक्त द्वारा बिंदुवार समीक्षा की गई।

दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश : 

उक्त योजनाओं के अंतर्गत राज्य से बाहर एवं राज्य के अंदर एवं जिला स्तर पर प्रशिक्षण परिभ्रमण, प्रत्यक्षण, कृषक पाठशाला, प्रक्षेत्र-सह-कृषक गोष्ठी, कृषक मेला, कृषक वैज्ञानिक अंतर मिलन एवं प्रचार प्रचार हेतु लीफलेट, पंपलेट का कार्य पूर्ण करने एवं कार्यरत ATM, BTM, किसान मित्र आदि कर्मियों का मानदेय का भुगतान आदि संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

वहीं राज्य प्रायोजित योजनाओं यथा- खरीफ एवं रबी मौसम के 50% की सब्सिडी पर बीज विनिमय, बिरसा फसल विस्तार योजना, कृषि प्रयोगशाला की स्थापना एवं इसके सुदृढ़ीकरण, किसान समृद्धि योजना, कृषक पाठशाला एवं एग्री क्लीनिक की समीक्षा की गई।

कृषक पाठशाला के 70%-80% कार्य संपन्न : 

मौके पर उपस्थित जिला कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान द्वारा उपायुक्त को उक्त सभी योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों से एवं अब तक किए गए कार्यों से अवगत कराया गया। योजना अंतर्गत जिले में कृषि एवं संबद्ध विभागों का प्रचार प्रसार हेतु स्वयंसेवी संस्थान के माध्यम से एग्री क्लीनिक संचालित होने की बात कही गई। वही कृषक पाठशाला के क्रियान्वयन के बारे में बताया गया कि अभी तक 70%-80% कार्य संपन्न किया जा चुका है।

जिला पशुपालन विभाग के समीक्षा के दौरान जिला पशुपालन पदाधिकारी राजस्थान प्रतिवेदन से उपायुक्त को अवगत कराया गया, जिसमें राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत BLC से चयनित लाभुकों की विवरणी एवं पशु वितरण योजना से अवगत कराया गया।

समीक्षा उपरांत उपायुक्त ने उक्त योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिए गए। साथ ही जिला अंतर्गत हो रहे पशुओं की तस्करी पर आवश्यक कार्रवाई करने एवं इस पर नियमित निगरानी रखने का निदेश दिया। इसी प्रकार जिला गव्य विकास कार्यालय के समीक्षा प्रांत मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना अंतर्गत प्रगति प्रतिवेदन के आधार पर लाभुकों का UTR, आपूर्तिकर्ता का चयन, निविदा की प्रक्रिया, लाभुक द्वारा योजना सत्यापित करने के उपरांत अनुदान विमुक्त करने संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

विभिन्न योजनाओं से संबंधित दी गई जानकारी : 

सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान जिला सहकारिता पदाधिकारी नीलम कुमारी द्वारा जिला अंतर्गत लैंप्स/पैक्स/एमपीसीएस में गोदाम निर्माण, कोल्ड स्टोरेज का निर्माण, सदस्यता वृद्धि अभियान प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र, बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, खरीफ एवं रबी मौसम 2025 में बीज उठाओ संबंधी प्रतिवेदन, पैक्सों का कंप्यूटरीकरण, सिद्धू कान्हू कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ लिमिटेड गढ़वा से संबंधित प्रगति प्रतिवेदन से उपायुक्त को अवगत कराया गया।

उपायुक्त द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन एवं पारदर्शिता संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इसी प्रकार मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिला मत्स्य पदाधिकारी धनराज कापसे द्वारा विभाग अंतर्गत चलाए जा रहे हैं विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के विषय में बताई गई। उन्होंने वेदव्यास आवास योजना, समेकित मत्स्य पालन, फीड वेस्ट फिशरीज योजना, तालाब तथा जलाशय मत्स्य का विकास एवं इसके प्रचार प्रसार का योजना आदि के बारे में बताया गया।

ये रहे उपस्थित : 

बैठक में उपरोक्त पदाधिकारियों के अतिरिक्त मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थें।

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