मेदिनीनगर : शनिवार को शिवाजी मैदान में सामाजिक कुरीति निवारण योजना,राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं,बाल विवाह मुक्त झारखण्ड एवं मिशन शक्ति योजना से संबंधित अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि उपायुक्त समीरा एस,अनुमंडल पदाधिकारी, मेदिनीनगर,जेएसएलपीएस,जिला कार्यक्रम प्रबंधक,एनडीसी,बीडीओ, डीएसपी,जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने बताया कि बाल विवाह उन्मूलन हेतु केंद्र सरकार द्वारा 100 दिवसीय जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह के लिए बालिकाओं की न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं बालकों की 21 वर्ष निर्धारित है,इससे कम उम्र में विवाह कराना कानूनन अपराध है।इनके द्वारा बताया गया कि वर्ष 2024 में 12 एवं 2025 में कुल 17 बाल विवाह को रोका गया है। किसी भी संदिग्ध स्थिति में टोल फ्री चाईल्ड हेल्पलाइन 1098,महिला हेल्पलाइन 181,पुलिस हेल्पलाइन 112 पर देने की अपील की गयी।

उपायुक्त ने बाल विवाह से जुड़ी डाटा को शेयर करते हुए कहा कि बाल विवाह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 23% एवं झारखंड में 32% है। झारखंड का स्तर राष्ट्रीय से ज्यादा है।वहीं पलामू में 35% बाल विवाह होता हैं।इस आंकड़े में कमी लाने के लिये हम सभी को कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि 30% लड़कियां एक स्तर के बाद स्कूल नहीं जा रही हैं।

उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 1098,181,112 को बताते हुए कहा कि इन पर आप कॉल कर सूचित करें।उन्होंने कहा कि बाल विवाह एवं डायन जैसी कुरीतियों के कारण बालिकाओं एवं महिलाओं का जीवन बर्बाद हो जाता है। वहीं पांच ब्लॉक चैनपुर, लेस्लीगंज,रामगढ़,सतबरवा, हुसैनाबाद जैसे प्रखंड को चिन्हित कर कहा कि यहां पर बाल विवाह ज्यादा होता है।

उन्होंने संबंधित बीडीओ को इसपर विशेष ध्यान देने की बात कही।उन्होंने कहा कि बाल विवाह के लिए दो साल का कारावास व एक लाख का जुर्माने का प्रावधान है।

राज्य प्रतिनिधि शालिनी बोराल ने मिशन शक्ति,बाल विवाह,डायन कुप्रथा एवं राज्य द्वारा चलाई जा रही योजनाएं के बारे में जानकारी पीपीटी के माध्यम से दिया गया। मिशन शक्ति के अंतर्गत बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ,वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन,शक्ति सदन, पालना आदि योजनाओं का संचालित किया जा रहा है।मिशन शक्ति के अंतर्गत सखी वन स्टॉप सेंटर का संचालन सभी जिलों में किया जा रहा है।

जिसके तहत हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सेवाओं—चिकित्सीय सुविधा,मनोवैज्ञानिक परामर्श,पुलिस सहायता,विधिक परामर्श एवं अल्पावधि आश्रय—की जानकारी दी।इसके साथ ही महिला हेल्पलाइन 181 के द्वारा 24 घंटे आपातकालीन सेवा प्रदान की जाती है।

इसके अलावे मुख्यमंत्री कन्यादान योजना,सावित्रीबाई किशोरी समृद्धि योजना,राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना,सामूहिक विवाह कार्यक्रम,सामूहिक अंतिम संस्कार योजना एवं दिव्यांग कल्याणार्थ योजनाओं पर भी प्रकाश डाला गया।कन्यादान योजना के बारे में बताया कि इसके अंतर्गत आर्थिक सहायता के रूप में 30000 रु की राशि प्रदान की जाती है।इसके लिए एक साल के अंदर शादी का निबंधन कर आवेदन करना होगा।

एसडीएम सुलोचना मीणा ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन होने से हमारा भी ज्ञान वर्धन हो रहा है। उन्होंने डायन कुप्रथा को गैर जमानती एवं संज्ञेय अपराध बताया। डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम,2001 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करने पर तीन माह तक का कारावास,एक हजार जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार में बाल विवाह हो रहा है उस परिवार को समझाने में असमर्थ हैं तो अपने सिनियर पदाधिकारी को सूचित करें ।

इस अवसर पर सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी,अंचल अधिकारी,प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी,बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, मुखियागण,यूनिसेफ के रिसोर्स पर्सन सुमन कुमारी,राज्य से प्रतिनिधि शालिनी बोराल, सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज सी थ्री के आकाश कुमार,सभी महिला पर्यवेक्षिकाएं,पंचायत सचिव, जेएसएलपीएस बीपीएम व संबंधित कर्मी उपस्थित थे।

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