लाइव पलामू न्यूज/मेदिनीनगर: हौसले बुलंद कर रास्तों पर चल दे, तुझे तेरा मुक़ाम मिल जायेगा। बढ़ कर अकेला तू पहल कर, देख कर तुझको काफिला खुद बन जायेगा। इसे चरितार्थ किया है पलामू के दिव्यांग राजेश मेहता ने। पाटन प्रखंड के कांके कलां निवासी राजेश का पैर वर्ष 2004 में एक सड़क हादसे में कट गया था। जिसके बाद राजेश ने अपने हौसले को टूटने नहीं दिया। उन्होंने रांची जाकर पैरा थ्रो बॉल की ट्रेनिंग ली और कई राज्यों में खेलने गये।
वहीं खेल में बेहतर प्रदर्शन के बाद इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेलने कंबोडिया गये। जहां गोल्ड मेडल जीतकर राजेश ने भारत का परचम लहराया। इधर राजेश की सफलता पर गर्वित पलामू पुलिस की ओर से एसपी रीष्मा रमेशन, एएसपी अभियान राकेश कुमार ने राजेश को गुलदस्ता देकर और शॉल ओढाकर सम्मानित किया। साथ ही भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए एशिया कप में इसी तरह का लय बरकरार रखने की उम्मीद जताते हुए शुभकामनाएं दी।

मौके पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि राजेश को स्पांसर नहीं मिलने पर वह उनके पास आया था। पलामू पुलिस की मदद के बाद रेहला स्थित आदित्य बिड़ला फैक्ट्री के सीएसआर फंड से मदद की गयी। जिसके बाद राजेश कंबोडिया टूर्नामेंट में शामिल होने गया और इतनी बड़ी सफलता प्राप्त की।
इंटरनेशनल पारा थ्रो बॉल टूर्नामेंट में गोल्ड मैडलिस्ट राजेश कुमार मेहता ने कहा कि उसे यह मुकाम हासिल करने में 14 वर्ष का समय लगा। दिव्यांग होेने के कारण शुरूआत में उसे खेल से वंचित कर दिया गया था। जिसके बाद रांची जाकर उसने अपने स्तर के खेल पता लगाया और प्रशिक्षण लिया। वह देश के लिए और गोल्ड मैडल जितना चाहता है, जिसके लिए वह सरकार से सहयोग की अपील करता है।