जी.एल.ए. कॉलेज के पूर्व प्राध्यापक, खेल और सामाजिक गतिविधियों में भी रहा अहम योगदान
मेदिनीनगर (पलामू): पलामू जिले के वरिष्ठ शिक्षाविद और समाजसेवी Subhash Chandra Mishra का निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही मेदिनीनगर सहित पूरे पलामू जिले में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षा, खेल और सामाजिक गतिविधियों में उनके लंबे योगदान के कारण वे जिले में एक सम्मानित और प्रेरणादायी व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे।

प्रो. एस.सी. मिश्रा कई दशकों तक पलामू के प्रतिष्ठित G.L.A. College Medininagar में अंग्रेजी के प्राध्यापक के रूप में कार्यरत रहे। उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा शिक्षा और समाज सेवा को समर्पित किया। अपने शिक्षण काल में उन्होंने हजारों छात्रों को शिक्षा दी और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनकी पढ़ाने की शैली, अनुशासन और सरल स्वभाव के कारण छात्र और सहकर्मी उन्हें अत्यंत सम्मान देते थे।
बताया जाता है कि वर्ष 1967 में उन्होंने अंग्रेजी विषय से एमए की परीक्षा देने के बाद ही कॉलेज में इंटरव्यू दिया था और परिणाम आने से पहले ही उनका चयन हो गया था। बाद में परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उन्होंने उसी कॉलेज में अपनी सेवा शुरू की और कई वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कुछ समय के लिए उनका चयन केंद्र सरकार की सेवा में भी हुआ था, लेकिन उन्होंने वह नौकरी छोड़कर पलामू लौटना उचित समझा और शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान जारी रखा। कॉलेज में अध्यापन करते हुए उन्होंने अनेक विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रो. मिश्रा केवल शिक्षा तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि खेल और सामाजिक गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही। वे Palamu Cricket Association के संस्थापकों में शामिल थे और वर्ष 1983 से 1986 तक इसके सचिव भी रहे। इसके अलावा वे पलामू जिला सेंट्रल स्पोर्ट्स एसोसिएशन से भी जुड़े रहे और जिले में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके निधन से पलामू के शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके छात्रों, सहयोगियों और समाज के लोगों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक आदर्श शिक्षक, मार्गदर्शक और समाजसेवी बताया। लाइव पलामू न्यूज, प्रो. एस.सी. मिश्रा का जीवन शिक्षा, अनुशासन और समाज सेवा की मिसाल रहा। पलामू की शैक्षणिक और सामाजिक दुनिया में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।