मेदिनीनगर :  परशुराम नगर, वार्ड संख्या 17 की नहर बदहाली का शिकार हो चुकी है। नहर में महीनों से पानी जमा है और उसमें कचरे का अंबार लगा हुआ है। नहर का पानी ठहर जाने के कारण पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है। साथ ही मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि नियमित सफाई के अभाव में यह गंदगी का अड्डा बन चुकी है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम को कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की गई, लेकिन सफाई व्यवस्था अब तक नहीं सुधारी गई।

बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित : 

नहर में फैली गंदगी और जल जमाव से बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। मोहल्ले की गलियां गंदे पानी से प्रभावित हैं, जिससे लोगों का निकलना-जाना मुश्किल हो गया है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है।

स्थानीय लोगों की मांग : 

मोहल्लेवासियों ने नगर निगम प्रशासन से अपील की है कि नहर की तत्काल सफाई कराई जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही नहर किनारे अवैध रूप से कचरा फेंकने वालों पर भी कार्रवाई की जाए।

आंदोलन की चेतावनी : 

क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं से समझौता अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी उठे सवाल: 

लोगों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर भी नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि चुनाव के समय स्वच्छता और विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन समस्या की गंभीरता के बावजूद कोई पहल नहीं की जाती।

निष्कर्ष: 

परशुराम नगर वार्ड संख्या 17 की नहर की दुर्दशा केवल स्वच्छता का सवाल नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। क्षेत्रवासियों की एक ही मांग है “नहर की नियमित सफाई और जल निकासी की ठोस व्यवस्था”।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *