लाइव पलामू न्यूज : पुलिस मैट्रिक पेपर लीक मामले की जांच में उलझती जा रही है। मामले में जिस एड्रेस के आधार पर मामले का खुलासा होने की उम्मीद थी, जांच में वो पता फर्जी निकला है। उल्लेखनीय है कि मैट्रिक के साइंस और हिंदी का पेपर लीक होने के बाद सबसे ज्यादा हलचल गढ़वा में है। बताया जा रहा है कि पेपर लीक करने वाले व्यक्ति ने मेराल प्रखंड का पता दिया था, लेकिन वो पता फर्जी निकला।

अब खबर आ रही है कि गोपीनाथ सिंह कॉलेज परीक्षा केंद्र पर पेपर लीक होने की पुष्टि हुई है। इस मामले में कोडरमा जिला से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में 8 से 10 छात्रों के शामिल होने की बात सामने आई है, जिनसे अलग-अलग पूछताछ की गई। संभावना जताई जा रही है कि छात्र इस मामले में सिर्फ मोहरा ही हो सकते हैं। पूरे मामले का मास्टरमाइंड कोई और हो सकता है।

इससे पहले जब परीक्षा केंद्र पर चेकिंग किए जाने पर तीन छात्रों के पास लीक प्रश्नों के उत्तर पाए गए थें। जिसके बाद से दर्जन भर परीक्षार्थियों से अब तक पूछताछ की जा चुकी है। प्रश्न पत्र उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से मिला था।

बताते चलें कि गोपीनाथ सिंह कॉलेज परीक्षा केंद्र के सीएस (सेंटर सुपरिंटेंडेंट) ने प्रशासन को सूचना दी कि फ्रिस्किंग के दौरान तीन छात्रों के पास से नकल मिली। जब शिक्षकों ने इन चिट्स को देखा तो पाया कि इसमें खासतौर पर उन्हीं सवालों के उत्तर लिखे थे जो पेपर में पूछे गए हैं।

जिसके बाद सीएस और मजिस्ट्रेट को इस पर संदेह हुआ, तो उन्होंने तीनों छात्रों से अलग-अलग पूछताछ की। जिसमें यह खुलासा हुआ कि उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से प्रश्न पत्र पहले से ही उपलब्ध करा दिया गया था। छात्रों ने प्रश्नों के उत्तर को चीटशीट के रूप में लिखा और परीक्षा केंद्र में लाने की कोशिश की थी।

लेकिन सतर्कता के कारण उन्हें प्रवेश से पहले ही पकड़ लिया गया। वहीं इस पूरे मामले से उपायुक्त को अवगत कराया गया। जिसके बाद उन्होंने टीम गठित कर जांच का आदेश दिया।

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