मेदिनीनगर : पिछले दिनों सड़क दुर्घटना में CRPF के बहादुर जवान वीरेंद्र शुक्ला (सिंगरा) के असमय निधन के बाद उनके परिवार को संबल देने की दिशा में शहर में सराहनीय पहल सामने आई है। मेदिनीनगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान देवम् इंस्टिट्यूट के संचालक प्रवीण दूबे ने शहीद जवान के दोनों छोटे बच्चों की पूरी शिक्षा का जिम्मा अपने कंधों पर उठाने का निर्णय लिया है।

उनके इस कदम को जिले में सामाजिक उत्तरदायित्व का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। प्रवीण दूबे ने कहा कि जो जवान देश की सुरक्षा में अपना जीवन लगा देते हैं उनके परिवारों की चिंता समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।बच्चों की पढ़ाई–लिखाई बिना रुकावट जारी रहे यही हमारी कोशिश है।
लोगों ने बताया संवेदनशील व प्रेरणादायक कदम :
दूबे की इस घोषणा से स्व. वीरेंद्र शुक्ला जी के परिवार को राहत मिली है और स्थानीय लोगों ने इसे संवेदनशील व प्रेरणादायक कदम बताया है। इसी क्रम में देवम् इंस्टिट्यूट पहुंचकर युवा आईकान आशीष भारद्वाज ने श्री दूबे को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
समाज को ऊर्जावान और संवेदनशील युवाओं की जरूरत : आशीष भारद्वाज
इस दौरान तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में राज्य ही नहीं देश के कई हिस्सों में योगदान देने वाले विशेषज्ञ युवा कृष्ण कन्हैया दूबे का भी सम्मान किया गया। युवा आइकन आशीष भारद्वाज ने दोनों को सम्मानित करते हुए कहा कि समाज को ऐसे ऊर्जावान और संवेदनशील युवाओं की जरूरत है। इनके कार्य न सिर्फ प्रेरक हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी दिशा प्रदान करते हैं, जो देश सेवा में लगे है उनके परिवारों के प्रति समाज की यह संवेदना और समर्थन ही असली राष्ट्रधर्म है।
प्रवीण दूबे की पहल से समाज में एक सकारात्मक संदेश गया है कि शहीदों के परिवार अकेले नहीं हैं—समाज उनके साथ खड़ा है। भारद्वाज ने ईश्वर से कामना करते हुए दोनों अपने-अपने क्षेत्रों में और मजबूती से आगे बढ़ने की उम्मीद जताई।