हेलमेट अनिवार्य, वरना नहीं मिलेगा पेट्रोल : उपायुक्त

गढ़वा :  सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी दिनेश यादव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें पुलिस अधीक्षक अमन कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थें।

बैठक में परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने सड़क सुरक्षा को लेकर जिला परिवहन कार्यालय द्वारा की जा रही कार्रवाइयों की जानकारी दी। इस पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आमजन में जागरूकता फैलाने के लिए ठोस पहल पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं पर समयबद्ध और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए न केवल बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना आवश्यक है, बल्कि आम नागरिकों को भी यातायात नियमों का पालन करने हेतु प्रेरित करना होगा। इस दौरान जागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी एवं जनसामान्य तक पहुँच योग्य बनाने पर बल दिया गया।

वहीं पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस विभाग गश्ती और निगरानी को और मजबूत करेगा। साथ ही, बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट का प्रयोग न करना एवं नशे में वाहन चलाने जैसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। उन्होंने आम जनता से सहयोग की अपील भी की।

बैठक में पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग, पथ प्रमंडल, NHAI तथा स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ-साथ सांसद एवं विधायक प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए।”

जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को सख्ती से लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। उपायुक्त श्री यादव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अब बिना हेलमेट किसी भी वाहन चालक को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। यह नियम न केवल यातायात सुरक्षा को मजबूती देगा, बल्कि नागरिकों को हेलमेट पहनने की आदत भी विकसित करेगा।

उन्होंने सभी पेट्रोल पंप मालिकों को निर्देश दिया कि अपने पंप पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाएँ और बिना हेलमेट वाहन चालकों को पेट्रोल न दें। साथ ही, ऐसे मामलों की फोटो खींचकर जिला परिवहन कार्यालय को भेजें ताकि चालान की कार्रवाई की जा सके।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूल-कॉलेज स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ, जिससे बच्चों और युवाओं में सुरक्षित यातायात की आदत प्रारंभ से ही विकसित हो। साथ ही, सड़क किनारे संकेतक लगाने, हेलमेट व सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग और जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता से लागू करने का निर्देश दिया गया।

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