गढ़वा : सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने शनिवार शाम को कांडी प्रखंड के गाड़ा खुर्द गांव में मनरेगा योजनाओं की धरातलीय जांच की। इस दौरान लगातार रुक रुक कर तेज बारिश हो रही थी किंतु फिर भी जांच का काम जारी रहा। यह जांच स्थानीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर गढ़वा के उप विकास आयुक्त के निर्देश पर की गई थी। इनमें से ज्यादातर योजनाओं की जांच पूर्व के अनुमंडल पदाधिकारी के स्तर से भी एक बार की जा चुकी थी।

इस बार की जांच के दौरान मुख्य रूप से मनरेगा अंतर्गत निर्मित कूप, मेड़बंदी एवं अन्य योजनाओं की भौतिक समीक्षा की गई। जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि इनमें से अधिकतर कूप योजनाएं नदी के किनारे या नदी के प्रवाह के बीच स्थित थीं, जहां उनकी वास्तविक आवश्यकता शायद नहीं थी।

इसके अतिरिक्त कुछ कूप योजनाओं की मौके पर गहराई नापी, अन्य पहलुओं की जांच की गई तो उनमें गड़बड़ी की आशंका सामने आई। कई योजनाओं में मजदूरों के स्थान पर जेसीबी व अन्य मशीनों के उपयोग के प्रमाण भी मिले, जो मनरेगा के नियमों के खिलाफ हैं।

एसडीएम के साथ मौके पर कांडी प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश सहाय, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, रोजगार सेवक तथा अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी रही। उन्होंने मनरेगा के क्रियान्वयन से जुड़े इन सभी पदाधिकारियों / कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे गंभीरता और संवेदनशीलता से विकास योजनाओं का क्रियान्वयन करें, किसी भी स्थिति में कार्यों में अनियमितता या मानक से विचलन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि केवल मनरेगा ही नहीं, बल्कि सभी कल्याणकारी योजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच रिपोर्ट उप विकास आयुक्त को भेजी जा रही है। जांच के समय शिकायतकर्ता, लाभुक गण एवं कई स्थानीय ग्रामीण भी उपस्थित रहे।

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