Tribal Advisory Council meeting concluded : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को झारखंड जनजातीय परामर्शदातृ परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में गहन चिंतन विचार के बाद कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इस बैठक में जहां छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम की धारा 46 के अंतर्गत थाना क्षेत्र की परिभाषा में स्पष्टता लाने पर चर्चा हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि विभाग एक प्रस्ताव तय करके उपस्थापित करे।

तत्पश्चात इस संबंध में एक आयोग गठित करे जो कि आगामी 6 माह में सभी पहलुओं का अध्ययन कर प्रतिवेदन समिति को समर्पित करेगी। इस संबंध में स्टीफन मरांडी ने बताया कि इस मामले में पुलिस और रेवेन्यू मामलों के साथ रैयतों का खतियान भी देखा जाएगा।

सदस्यों ने सीएनटी एक्ट लागू होने के समय गठित तीन थानों को ही पुनः प्रभावी बनाने का समर्थन किया। हालांकि इसे लागू कैसे किया जाए, इस पर अंतिम निर्णय कानूनी राय के बाद ही किया जाएगा।

सरकार लीगल ओपिनियन लेने के बाद पुलिस और रैयती थानों के परिसीमन से जुड़े मामलों को सुलझाएगी। इसके बाद इस प्रस्ताव को अगली टीएसी बैठक में मंजूरी के लिए लाया जाएगा।

टीएसी की बैठक निर्णय लिया गया कि शिड्य़ूल एरिया के आदिवासी बहुल ग्राम पंचायतों में शराब की दुकान या बार खोलने के ग्राम सभा का फैसला अंतिम होगा। उन्होंने कहा कि फाइव स्टार होटल हो या इंटरनेशनल होटल, ग्रामसभा की अनुमति अनिवार्य होगी।

वहीं पेसा अधिनियम से जुड़ी नियमावली को लेकर बताया गया कि पहले जेपीआर-1 में संशोधन किया जाएगा ततपश्चात पेसा नियमावली का गठन होगा।

खड़काई डैम से जुड़े मामलों में डैम का जलस्तर कम करने पर विचार किया गया। जिससे प्रभावित गांवों की संख्या घटाई जा सके। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को होमवर्क करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में टीएसी की वैधता को लेकर उठे सवालों पर भी चर्चा की गई। स्टीफन मरांडी ने जानकारी दी कि महाधिवक्ता से राय ली गई है और वर्तमान टीएसी को वैध माना गया है।
स्टीफन मरांडी ने टीएसी के नियमावली बदलाव कर राज्यपाल के अधिकार में कटौती करने को सही करार देते हुए कहा कि महाधिवक्ता से कानूनी राय लेने के बाद ही ऐसा किया गया है।

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