मेदिनीनगर: डेडीकेटेड प्रीमियर स्कूल में शिक्षक दिवस बड़े हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। सुबह से ही विद्यालय परिसर रंग–बिरंगी सजावट और फूलों की खुशबू से सराबोर था। छात्र–छात्राओं का उत्साह देखने लायक था।

दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं सरस्वती वंदना से हुआ। मुख्य अतिथि स्कूल के चेयरमैन ई. विनय मेहता, प्रभारी प्राचार्या डॉ. श्वेता कुमारी, प्रख्यात जर्नलिस्ट संजय पांडे, प्रशासनिक हेड रविशंकर दुबे और सोसायटी के सीओओ एस. के. एल. दास सहित वरिष्ठ शिक्षकों का स्वागत बच्चों ने पुष्पगुच्छ और तालियों की गड़गड़ाहट से किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बाँधा समां

कार्यक्रम में नन्हे–मुन्नों से लेकर सीनियर छात्रों ने मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समूह नृत्य के माध्यम से गुरु–शिष्य परंपरा को जीवंत किया गया। कक्षा 9 के छात्रों ने हास्य नाटक से सभी को खूब हँसाया। वहीं कविता पाठ और भाषण से बच्चों ने अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

शिक्षकों का सम्मान

प्रभारी प्राचार्या डॉ. श्वेता कुमारी ने कहा कि शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान नहीं देते बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं। कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षकों को विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से सम्मानित किया गया। उन्हें स्मृति–चिह्न और उपहार भेंट किए गए। इस अवसर पर कई शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी की सीख दी।

केक काटकर बनी यादगार घड़ियाँ

कार्यक्रम के बीच पूरे विद्यालय परिवार ने मिलकर केक काटा। मुख्य अतिथि ई. विनय मेहता ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों को हमेशा शिक्षकों का आदर करना चाहिए, क्योंकि शिक्षक ही उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माता होते हैं।

गुरु का स्थान सर्वोपरि

पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि डेडीकेटेड प्रीमियर स्कूल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि संस्कार और गुरु–शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने में भी अग्रणी है। बच्चों ने स्पष्ट संदेश दिया – “गुरु का स्थान जीवन में सर्वोपरि है, क्योंकि बिना गुरु के ज्ञान और सफलता दोनों अधूरी हैं।”

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