मेदिनीनगर: पलामू जिले के सिंगरा गांव में शुक्रवार का दिन गम और आंसुओं के बीच बीता। गांव का हर शख्स नम आंखों से उस लाल को अंतिम विदाई देने पहुंचा, जिसने अपने जीवन के 22 वर्ष मातृभूमि की सेवा में समर्पित कर दिए थे। दरअसल,  सिंगरा निवासी सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल वीरेंद्र शुक्ला (43 वर्ष) की गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। शुक्रवार को उनके पैतृक गांव सिंगरा के कोयल नदी घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

पिता अगस्त शुक्ला ने गमगीन माहौल में अपने पुत्र को मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार के सदस्य, ग्रामीण, सीआरपीएफ के जवान और प्रशासनिक अधिकारी मौन खड़े रहे। हर किसी की आंखें भर आईं। जब तिरंगे में लिपटा वीरेंद्र शुक्ला का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए पहुंचा, तो पूरा गांव “वीर जवान अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।

जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र शुक्ला गुरुवार को दिल्ली से अपनी भगिनी के पति के साथ निजी वाहन से मेदिनीनगर लौट रहे थे। ग्रेटर नोएडा के जेवर के पास कार अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें वीरेंद्र शुक्ला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी भगिनी के पति गंभीर रूप से घायल हो गए।

साल 1982 में सिंगरा गांव में जन्मे वीरेंद्र शुक्ला ने अप्रैल 2003 में सीआरपीएफ ज्वाइन किया था। वर्तमान में वह हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। अपने मिलनसार स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा के लिए वे साथियों के बीच बेहद लोकप्रिय थे।

उनकी असामयिक मृत्यु से न केवल सिंगरा गांव, बल्कि पूरा पलामू शोक में डूब गया है। परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। पीछे वे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं, जिनकी आंखों में अब भी अपने पिता के लौट आने की उम्मीद झलक रही है।

गांव के एक बुजुर्ग ने नम आंखों से कहा वीरेंद्र गांव की शान थे। उन्होंने हमेशा देश की सेवा को सर्वोपरि रखा। आज सिंगरा ने अपना एक सच्चा सपूत खो दिया।”

सिंगरा के वीर सपूत वीरेंद्र शुक्ला भले आज पंचतत्व में विलीन हो गए हों, पर उनकी देशभक्ति और बलिदान की गूंज हमेशा इस मिट्टी में जीवित रहेगी।

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