लाइव पलामू न्यूज/हजारीबाग: जिले में अधिकारियों की मनमानी से जनता त्रस्त है। जनता द्वारा सरकार को लाखों को राजस्व देने वाले निबंधन कार्यालय में आम आदमी की सुध लेने वाला कोई नहीं होता। न अधिकारियों के आने का समय निर्धारित है और न ही जाने का। ऑफिस आते हैं तो घड़ी देखते रहते हैं। जैसे ही लंच ब्रेक का समय होता है कुर्सी छोड़कर चले जाते हैं और ड्यूटी का समय खत्म होते ही पलक झपकते गायब। सभी अपनी मनमर्जी के मालिक हैं। कभी 11:00 बजे तो कभी 12:00 बजे कार्यालय आते हैं।
ऐसे में दूर-दराज आने वाले लोगों की अधिकारियों से मुलाकात ही नहीं हो पाती है। मजबूरन वे बिचौलिये से काम करने को विवश होते हैं। बताते चलें कि हजारीबाग में प्रमंडल, आर यू ऑफिस, डीटीओ ऑफिस, शिक्षा विभाग, भवन प्रमंडल, कार्यालय, पीडब्ल्यूडी ऑफिस, नजारत सहित कई कार्यालय हैं। जहां आम आदमी का कम और बिचौलिये का काम ज्यादा होता हैं। अधिकारी घर में बैठे रहते हैं। समय पर नहीं आने का कारण पूछने पर अधिकारियों के पास तरह-तरह का बहाना होता है।
कोई फील्ड में होने की बात करता है तो कोई दो जगह के प्रभार में होने की बात कहता है। अधिकारी अगर 12:00 बजे तक कार्यालय आते हैं तो फिर आम लोगों का काम नहीं हो पाता है. अधिकारी बस इस इंतजार में रहते हैं कि कब उनकी ड्यूटी खत्म हो और वे कार स्टार्ट कर निकले. आम जनता के काम से उन्हें कोई लेना देना नहीं होता है। इसी कारण कई विभागों में वर्षों से फाइलें अटकी हुई हैं। इसके कारण कई संवेदक भी खासे परेशान हैं। ऐसा ही मामला गुरुवार को बरही में देखा गया। जहां सरकार आपके द्वार और अन्य कार्यक्रमों द्वारा जनता को सहूलियत देने का दावा करने वाली राज्य सरकार बरही निबंधन कार्यालय में एक स्थायी निबंधक की भी पदस्थापना करवाने में असफल साबित हो रही है। उल्लेखनीय है कि बरही विधानसभा क्षेत्र का एक मात्र निबंधन कार्यालय अंचलाधिकारी बरही के प्रभार में भगवान भरोसे चल रहा है।
जमीन खरीद बिक्री करने वाले लोग सुबह 10 बजे से साहब के इंतजार में भूखे प्यासे कार्यालय परिसर में बैठे रहते हैं। इस कार्यालय में बिचौलियों का बोलबाला रहता है और आम लोग भेड़ बकरी से भी बदतर हालात में अपनी बारी का इंतजार करने को ही अपनी नियति मान लेते हैं। इन सब में सबसे ज्यादा शर्मिंदगी महिलाओं को उठानी पड़ती है। उन्हें शौच के लिए बाहर खुले में जाना पड़ता है और उनके लिए स्वच्छ भारत अभियान बेमानी हो जाता है। इस संदर्भ में बरही अंचलाधिकारी सह रजिस्ट्रार रामनारायण खलखो से पूछे जाने पर कहा कि मैं सरकार आपके द्वार और कानून व्यवस्था के कार्यों में व्यस्त रहता हूं।
निबंधन कार्यालय का अतिरिक्त कार्यभार संभालने के कारण समय का अभाव रहता है, फिर भी लगातार कोशिश करता हूं कि तीन बजे से निबंधन का काम भी कर पाऊं। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि और पक्ष विपक्ष के स्थानीय नेता भी जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर मजबूर और खामोश नजर आते हैं। इन हालात को देख आम जनता का कहना है कि जब राजस्व देने वाले कार्यालय का इतना बुरा हाल है तो लाभकारी योजनाओं का क्या हश्र क्या ही होगा???