CPI (Maoist) members surrendered : भाकपा माओवादी के दो सक्रिय नक्सलियों ने झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मंगलवार को लातेहार में आत्मसमर्पण किया। एसपी अमरजीत उर्फ काली उर्फ सनी बिरजिया (निवासी पुंदाग) और मिथलेश उर्फ अखिलेश कोरवा (निवासी बलरामपुर, छत्तीसगढ़) ने लातेहार एसपी कुमार गौरव और सीआरपीएफ 11वीं बटालियन के कमांडेंट श्री याद राम बुनकर के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

दोनों नक्सलियों ने लातेहार एसपी कार्यालय में आत्मसमर्पण जहां पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने उन्हें शॉल और बुके भेंट कर उनका स्वागत किया। मौके पर एसपी ने कहा कि सरकार की नीतियों और सुरक्षा बलों के लगातार दबाव के चलते कई नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
“अमरजीत और मिथलेश ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का साहसिक निर्णय लिया है। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत इन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। वहीं ”सीआरपीएफ 11वीं बटालियन के कमांडेंट श्री याद राम बुनकर ने कहा, “यह वर्ष नक्सलियों के लिए अंतिम अवसर है।
अगर वे मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं तो उनका स्वागत है, वरना सुरक्षा बल उन्हें समाप्त करने के लिए तैयार हैं।” बताया गया कि दोनों आत्मसमर्पित नक्सली छिपादोहर, महुआडांड, नेतरहाट, बुढ़ा पहाड़ और आसपास के इलाकों में लंबे समय से सक्रिय थे। ऑक्टोपस अभियान के बाद इन इलाकों में नक्सलियों की गतिविधियां काफी कम हो गई हैं।