मेदिनीनगर: गुरुवार को वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा के.जी गर्ल्स स्कूल में छात्राओं के बीच गुड टच, बैड टच जागरूकता अभियान चलाया गया । छात्राओं को टीम वरदान ने गुड टच और बैड टच की जानकारी देते हुए बताया कि कैसे इसे पहचाना जाए और सतर्क रहा जाए। कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए संस्था की सचिव शर्मिला वर्मा ने कहा कि बच्चियों के प्रति लगातार बढ़ते यौन शोषण और हिंसा ने हमें इस कार्यक्रम के लिए प्रेरित किया ताकि हमारी बच्चियां सावधान एवं सुरक्षित रहें।

इस विषय पर बोलते हुए डॉक्टर अमितू सिंह ने कहा कि लड़कियों को खतरा सिर्फ घर के बाहर ही नहीं घर के अंदर भी है। इसलिए घर एवं आसपास भी सजग रहने की जरूरत है । वहीं सहायक उप निरीक्षक (सदर थाना ) माया कुमारी ने कहा कि लड़कियों / महिलाओं को डरने की कोई जरूरत नहीं है , महिला थाना आपकी ही सुरक्षा के लिए है जब भी आपको कोई तंग करे , शोषण करने की कोशिश करे आप हमें महिला हेल्प लाइन नंबर.112 पर अवश्य सूचित करें।
वहीं टीम वरदान की मंजू चंद्रा ने कहा हर जाति , जनजाति, हर धर्म और हर वर्ग में महिलाओं के प्रति हिंसा के मामले देखे जा रहे हैं। ऐसे में वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट का ” गुड टच बैड टच अवेयरनेस प्रोग्राम ” काफी लाभदायक सिद्ध होगा ।बच्चियों में बचपन से अपनी सुरक्षा की भावना विकसित होगी।
वहीं महिला एडवोकेट (आमंत्रित अतिथि ) श्रीमती सुप्रिया रंजन ने कहा कि आजकल की बच्चियां बहुत साहसी हैं , अपने अधिकारों को समझती हैं। बावजूद इसके अगर कोई समस्या आती है ,गलत सोच से कोई उन्हें छूना चाहता है तो हमतक अपनी बात पहुंचाएं ।इसके खिलाफ कई कानून बने हैं।दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
आगे बोलते हुए टीम वरदान के वरिष्ठ साथी मन्नत सिंह बग्गा ने कहा कि यूं तो सभी बच्चों को प्ले स्कूल से ही गुड टच बैड टच के बारे में बताया जाता है । फिर भी बहुत सी घटनाएं समाज में घट रही हैं । ऐसे में वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की हमारी यह मुहिम बहुत ही सार्थक और असरदार सिद्ध होगी।हमसब हरसंभव कोशिश कर रहे हैं कि इस तरह की सामाजिक बुराईयों को समूल नष्ट किया जाए।
प्राचार्य आशीष कुमार दूबे ने वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट के इस अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि अभी बाल दिवस और झारखंड स्थापना दिवस समारोह की व्यस्तता के बावजूद हमने इस अभियान को प्राथमिकता दी क्योंकि बालिकाओं के प्रति बढ़ती हिंसा समाज के लिए चिंतनीय है। इस अभियान से हमारे स्कूल की बच्चियां सुरक्षित होंगीं और दूसरों को भी मोटिवेट करेंगीं।
एडवोकेट सुप्रिया रंजन ने पॉक्सो एक्ट की भी जानकारी दी जो इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बना है , साथ ही ऐसी कोई भी बात होने पर 181 पर संपर्क करने की सलाह दी ।