मेदिनीनगर: पलामू जिले में औषधि नियंत्रण प्रशासन की दमनात्मक कार्रवाई के खिलाफ रविवार को दवा व्यवसायियों का गुस्सा फूट पड़ा। पलामू केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स फेडरेशन के बैनर तले सैकड़ों थोक एवं खुदरा दवा व्यवसाइयों ने मेदिनीनगर में विरोध कार्यक्रम आयोजित कर प्रशासन से कार्रवाई पर रोक लगाने और भय का माहौल खत्म करने की मांग की।

फेडरेशन के सचिव अमिताभ कुमार मिश्रा की ओर से विधायक आलोक चौरसिया को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले एक वर्ष से औषधि नियंत्रण प्रशासन दवा व्यवसायियों को लगातार नोटिस, निलंबन और बर्खास्तगी की धमकी देकर प्रताड़ित कर रहा है।
हाल के दिनों में जिले के प्रतिष्ठित संस्थानों अमित मेडिकल एजेंसी, आण्विका डिस्ट्रीब्यूटर, सिद्धार्थ मेडिकल एजेंसी, श्री भवानी फार्मा, सुमित्रा मेडिकल एजेंसी, शाहपुर के आदर्श मेडिकल एजेंसी और बुलबुल मेडिकल एजेंसी समेत दर्जनभर प्रतिष्ठानों को एक से दो महीने तक के लिए निलंबित कर दिया गया है।
फेडरेशन का कहना है कि इस कार्रवाई से दवाइयों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और जीवन रक्षक दवाओं एवं वैक्सीन की उपलब्धता पर संकट गहराता जा रहा है। सचिव ने कहा कि इन प्रतिष्ठानों में ऐसी दवाओं का भंडारण रहता है जो पूरे जिले में सप्लाई होती हैं। ऐसे में निलंबन जनहित के विपरीत है और जनजीवन के समुचित इलाज में बाधा पहुंचा रहा है।
सैकड़ों व्यवसायी हुए शामिल:
इस विरोध कार्यक्रम की अध्यक्षता रमेश शुक्ला ने की। कार्यक्रम में शहर के सैकड़ों दवा व्यवसाइयों ने हिस्सा लिया। प्रमुख रूप से मृत्युंजय शर्मा, सतीश तिवारी (हनी जी), जितेंद्र कुमार, संजय अग्रवाल, कंचन अग्रवाल, विक्रम जी, मनोज कुमार सिंहा, अमित कुमार, पुरुषोत्तम अग्रवाल, प्रिंस साबरी, राजहंस अग्रवाल, रमाकांत पांडे, राकेश जी, रवि कुमार, पवन कुमार, नागेंद्र कुमार पासवान सहित कई व्यवसायी मौजूद थे।
फेडरेशन ने विधायक से मांग की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर जिले में भय और असहजता के माहौल को खत्म करने की दिशा में कार्रवाई करें।