चतरा : शुक्रवार को विश्व मधुमेह दिवस 2025 के उपलक्ष्य में जिला सदर अस्पताल, चतरा सहित जिले के सभी CHC, PHC, UAAM, UPHC एवं AAM परिसरों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सदर अस्पताल चतरा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पंकज कुमार ने विधिवत रूप से किया। कार्यक्रम में डॉ. अमृता अनुप्रिया एवं डॉ. दयानंद सरस्वती सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

मौके पर उपाधीक्षक डॉ. पंकज कुमार ने मधुमेह के कारण, लक्षण और जोखिमों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मधुमेह ऐसी अवस्था है जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का निर्माण नहीं कर पाता या इंसुलिन का प्रभावी उपयोग नहीं कर पाता, जिसके कारण रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है।

यदि समय पर नियंत्रण न किया जाए तो यह हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी फेलियर, तंत्रिका क्षति, दृष्टि बाधित होने जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। उन्होंने आमजनों से अपने निकटतम आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क मधुमेह जांच एवं दवा उपलब्धता का लाभ लेने की अपील की।

मधुमेह के प्रमुख लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, अधिक भूख, घावों का देर से भरना, थकान और धुंधली दृष्टि शामिल हैं—इसकी जानकारी भी उपस्थित लोगों को दी गई।

चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमृता अनुप्रिया ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित जांच और उचित देखभाल अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जहां टाइप-1 मधुमेह को रोका नहीं जा सकता, वहीं टाइप-2 मधुमेह से बचाव के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि तथा जीवनशैली में सुधार अत्यंत प्रभावी हैं।

चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दयानंद सरस्वती ने कहा कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित भोजन, शारीरिक गतिविधि की कमी और तनाव के कारण कम उम्र में भी मधुमेह के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि समय पर जांच, उचित इलाज और संतुलित जीवनशैली अपनाकर मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है।

ये रहे उपस्थित : 

कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम सहायक हरि शंकर, प्रियरंजन नीरज, स्टाफ नर्स सोनी कुमारी (NCD) सहित कई स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *