WORLD HERITAGE DAY : आज विश्व विरासत दिवस(world heritage day) है। प्रत्येक वर्ष 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस मनाया जाता है। ताकि लोगों को उनके धरोहरों के संरक्षण व महत्व से अवगत कराया जा सके। विभिन्न देशों में स्थित ऐसी स्थलों की जानकारी देकर उसे विरासत के प्रति आकर्षित किया जा सके। हमारा देश उसके साथ ही हमारा राज्य झारखंड ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक ,धार्मिक स्मृतियों व स्थलों से परिपूर्ण है।

इसी क्रम में आज जानेंगे अपने जिले मेदिनीनगर के धरोहरों के बारे में जिन्हें हमारे संरक्षण की आवश्यकता है। जिससे कि हमारे धरोहर को संजो कर रखा जा सके और हम भावी पीढियों को अपना स्वर्णिम इतिहास दिखा सकें। पलामू जिले में पलामू किला है जिसने चेरो राजवंश के उत्थान व पतन दोनों देखा है। यह पलामू के इतिहास का स्वर्ण काल की गाथा को बताता है हालांकि प्रशासकीय उपेक्षा के कारण यह जीर्ण शीर्ण अवस्था में पहुंच गया है।

भीम चूल्हा:- जिले के मोहम्मद गंज स्थित भीम चूल्हा का भी स्वर्णिम इतिहास रहा है। किवदंतियों के अनुसार महाभारतकालीन भीम यहां आए थें और बहुत भूख लगने के कारण उन्होंने इस चूल्हे का निर्माण कर खाना बनाया था।

इसी तरह गणपति धर्मशाला, शाहपुर किला,विश्राम पुर किला, पडवा मोड़ इत्यादि। इसके अलावे और भी कई धरोहरें हैं जो हमारे इतिहास को स्वयं में समेटे हुए हैं। कुछ गुमनाम भी होंगी शायद।
विकास की दौड़ में कई विरासतें अब समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई हैं। ये धरोहर हमारे शौर्य, संस्कृति व सौंदर्य का प्रतीक हैं। अगर वक्त रहते इन्हें संरक्षित नहीं किया गया तो हम अपनी भावी पीढी को केवल किताबों में ही इतिहास दिखा पाएंगे। इसलिए आज विश्व विरासत दिवस के अवसर पर हमें यह प्रण लेना चाहिए कि अपनी ओर से हम संपूर्ण प्रयास करें कि अपनी धरोहरों को कोई नुकसान नहीं पहुंचायेंगे।