लाइव पलामू न्यूज/मेदिनीनगर: झारखंड राज्य जन सेवक संघ रांची, के आह्वान पर राज्य भर के जन सेवकों के द्वारा मंगलवार को काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया गया। इसी क्रम में पलामू जिला के 21 प्रखंड में कार्यरत सभी जनसेवक, प्रभारी प्रखंड कृषि धिकारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी, सहायक गोदाम प्रबंधक, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी ने काला बिल्ला लगाकर काम किया। गौरतलब है कि 2012 में झारखंड सरकार के तत्कालीन कृषि एवं गन्ना विकास विभाग जो अब कृषि पशुपालन व सहकारिता विभाग है के द्वारा कृषि क्षेत्र में सर्वांगीण विकास के लिए राज्य भर में 1836 पदों के लिए जनसेवकों की नियुक्ति हुई।
पलामू जिला में 110 जनसेवकों की नियुक्ति हुई थी, वर्तमान में 78 जन सेवक जिले में कार्यरत हैं। राज्य सरकार की अधिसूचना संख्या 1411 दिनांक 25 मई 2011 के द्वारा जन सेवक भर्ती एवं सेवा शर्त नियमावली 2011 को अधिसूचित करते हुए संपूर्ण झारखंड में वर्णित प्रावधानों के आलोक में विज्ञापन में स्पष्ट रूप से वेतनमान 5200- 20200 ग्रेड पे 2400 के रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे । नियुक्ति के 10 वर्षों के उपरांत जब MACP देने की बारी आई तब कृषि निदेशक द्वारा 2400 ग्रेड पे को घटाते हुए 2000 ग्रेड पे करने का आदेश निर्गत किया गया है जो सरासर गलत है।
इसके विरोध में झारखंड राज्य के जनसेवकों में काफी उबाल है। चरणबद्ध आंदोलन के क्रम में राज्य के सभी जिलों में 26 अप्रैल 2023 को पुतला दहन का कार्यक्रम किया गया था। जबकि राज्य स्तर पर 28 अप्रैल को कृषि निदेशालय कृषि भवन रांची के समक्ष राज्य भर के हजारों जनसेवकों ने सामूहिक एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर संबंधित अधिकारी व कृषि मंत्री का पुतला दहन किया। झारखंड राज्य जनसेवक संघ के आह्वान पर चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है।
दिनांक 2 एवं 3 मई को काला बिल्ला लगाते हुए काम करना, 4 मई को जिला स्तर पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन, 6 मई को राजभवन के समक्ष धरना प्रदर्शन एवं 8 मई को जिला मुख्यालय में जिला परिषद से छह मुहान चौक तक मशाल जुलूस का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। यदि सरकार तत्काल अपना आदेश वापस नहीं लेता है तो 9 मई से जिला समेत पूरे राज्य के 1600 जनसेवक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे । इसकी संपूर्ण जवाबदेही कृषि विभाग व राज्य सरकार की होगी। एक -एक जनसेवक प्रखंड स्तर पर कई पर्यवेक्षक स्तर के पदों पर काम कर रहे हैं अर्थात पंचायत सचिव प्रखंड कल्याण, प्रखंड आपूर्ति, सहायक गोदाम प्रबंधक, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी,प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जनसेवक विगत 10 सालों से काम कर रहे हैं और सरकार के खजाने का करोड़ों अरबों रुपए बचा रहे है। सेवकों का ग्रेड पे 4200 बढ़ाने के बजाय ग्रेड कटौती करना कहां तक उचित है। जनसेवक एक वेतन के बदले अनेकों काम कर रहे हैं। सरकार अगर अपना तुगलकी फरमान को जल्द वापस नहीं लेती है तो जनसेवक आंदोलन करने पर उतारू होगा सरकार की मनमानी नहीं चलने दिया जाएगा। सरकार की ईंट से ईंट बजा देगें।