लाइव पलामू न्यूज/गढ़वा: बुधवार को “कॉफी विद एसडीएम” में गढ़वा के व्यवसायियों ने शिरकत की। इस दौरान कार्यक्रम में पहुंचे व्यवसायियों ने गढ़वा की बेहतरी के लिये कई अहम सुझाव दिए। इसके साथ ही अपनी समस्यायों से भी एसडीओ को अवगत करवाया। इस दौरान बाबा कमलेश वस्त्रालय के प्रोपराइटर कमलेश अग्रवाल ने सुझाव दिया कि शहर के सभी 6 एंट्री प्वाइंट्स से टाइम टेबल बनाकर अलग-अलग अंतराल पर बड़े वाहनों को प्रवेश देने पर विचार किया जाए जिससे शहर में जाम की स्थिति नहीं पैदा होगी।

वहीं आढ़त व्यापारी अरविंद गुप्ता ने सुझाया कि गढ़ देवी मंदिर के पास सुबह-सुबह जो श्रमिकों का जमावड़ा होता है उसे छठ घाट के पास शिफ्ट किया जाए। इसके साथ ही घंटाघर चौक के चारों तरफ नो वेंडिंग जोन तथा नो पार्किंग जोन घोषित किया जाए। वहीं कचहरी रोड पर रस्सी से बनाए गए डिवाइडर की प्रशंसा करते हुए सभी ने अनुरोध किया कि इसे रंका मोड़ से मझिआंव मोड तथा रंका मोड़ से टंडवापुल तक भी विस्तारित किया जाए।

वहीं सभी व्यवसाईयों ने एक सुर में शहर को धूल मुक्त करवाने का अनुरोध किया। व्यवसायियों ने एसडीओ से कहा कि शहर जितना साफ सुथरा और चमकदार होना चाहिए वैसा देखने को नहीं मिल रहा है, बल्कि हर गली और सड़क में धूल उड़ रही है ऐसे में नगर परिषद की धूल खींचने वाली मशीनों का प्रयोग नियमित किया जाना चाहिए।

इस दौरान टंडवा मध्य विद्यालय के समीप स्पीड ब्रेकर या रंबल स्ट्रिप लगाने की भी मांग की गई। जिससे दुर्घटना से बचाव हो सके। मौके पर व्यापारी प्रतिनिधि राजेश गुप्ता ने मझिआंव मोड़ स्थित हाईमास्ट लाइट सहित शहर के अन्य प्रमुख स्थलों के हाई मास्ट लाइटों एवं वेपर लाइटों को ठीक करवाने का अनुरोध किया। कुछ आढ़ती व्यवसाईयों ने शिकायत की कि गांव देहात से आने वाले किसानों से नो एंट्री प्वाइंट्स पर अवैध वसूली की जाती है। जिस पर रोक लगायी जाए।

कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि शहर में किसी एक स्थल को चिन्हित कर वहां फूड जोन बनाया जाए और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगे खाद्य पदार्थों के ठेलों को यहां पर एक स्थाई जगह दी जाए जिससे शहर भी सुंदर और व्यवस्थित दिखेगा और जाम नहीं लगेगा। यह भी सुझाव आया कि लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान कई बार जाम होता है इस पर टाइगर मोबाइल टीमों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया जा सकता है। वहीं सभी ने एक स्वर में श्री कृष्ण गौशाला की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने की मांग की।

इस दौरान व्यापारियों ने डीजे पर प्रतिबंध और अतिक्रमण अभियानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कुछ लोगों को निजी नुकसान के चलते भले ही कष्ट पहुंचा हो किंतु प्रशासन की यह कार्रवाई सामूहिक हित में है। इस पर एसडीओ ने सभी को आश्वस्त किया कि उनके सभी सुझावों पर अमल किया जाएगा और उनकी शिकायतों के निस्तारण का भी प्रयास किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *