लातेहार : गुरुवार की रात सदर थाना क्षेत्र के कैमा गांव में हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। दरअसल, ग्रामीण और पुलिस के बीच भारी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। पत्थरबाजी और लाठीचार्ज में पुलिस के जवान और कुछ ग्रामीण घायल हो गए। स्थिति भयानक होती जा रही थी। लेकिन लातेहार जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव की पहल पर ग्रामीण और पुलिस के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। तब जाकर विवाद समाप्त हुआ।

बताया जा रहा है कि गुरुवार को पुलिस रूटिन छापामारी में निकली थी। इस दौरान टीम कैमा गांव में पहुंची। कुछ दिन पूर्व गांव में सर्वे करने आई एक टीम से कुछ ग्रामीणों ने ड्रोन कैमरा लूट लिया था। पुलिस इस मामले की भी छानबीन कर रही थी। इसी दौरान ग्रामीणों के घर में जाकर पुलिस तलाशी भी ले रही थी।

जिससे ग्रामीण उग्र हो गए और यह कहते हुए पुलिस अधिकारियों को गांव में ही बैठा दिया कि यह गांव प्रथागत क्षेत्र गांव है। यहां ग्राम सभा की अनुमति के बिना कोई नहीं आ सकता।

डीएसपी के नेतृत्व में गांव पहुंची पुलिस की टीम :

जब अधिकारियों को यह सूचना मिली कि ग्रामीणों ने 8 पुलिस कर्मियों को गांव में ही रोक दिया है तो डीएसपी अरविंद कुमार के नेतृत्व में पुलिस की टीम गांव पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों के साथ पुलिस की हॉट टॉक हो गई। हालांकि स्थिति नियंत्रित रही और पुलिस टीम सभी पुलिसकर्मियों को सुरक्षित अपने साथ लेकर गांव से बाहर आने लगी।

पुलिस जब गांव से वापस लौट रही थी तो आधे रास्ते में पता चला कि पुलिस का एक कर्मी गांव में ही छूट गया है। जिसके बाद डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस की टीम पुनः गांव पहुंची और छुटे हुए पुलिसकर्मी की खोजबीन करने लगी। दोबारा पुलिस को गांव में आया देख कुछ ग्रामीण उग्र हो गए और विवाद बढ़ गया।

इसी दौरान किसी ने पुलिस पर पत्थर बाजी कर दी। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। जिसके मद्देनजर पुलिस को गांव से बाहर आना पड़ा। इधर गांव में छूटे हुए पुलिसकर्मी के साथ कुछ ग्रामीणों द्वारा मारपीट किए जाने की बात सामने आई। पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।

ग्रामीण और पुलिस के बीच मामूली विवाद हो गई थी। इसे सुलझा दिया गया है। लातेहार एसडीएम अजय कुमार रजक

 

जिप सदस्य पहुंचे घटनास्थल :

इधर घटना की सूचना पर लातेहार जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव तत्काल घटनास्थल पहुंचे और स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया। जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव की पहल पर ग्रामीण शांत हुए और पुलिस कर्मियों के साथ वार्ता के लिए तैयार हुए। तत्पश्चात डीएसपी अरविंद कुमार, थाना प्रभारी प्रमोद कुमार आदि पुलिस अधिकारियों को गांव में बुलाया गया और ग्रामीणों के साथ वार्ता की गई। बाद में घायल पुलिसकर्मी के गुम हुए हथियार को भी बरामद कर लिया गया। वार्ता के बाद पुलिस की टीम देर रात वापस लातेहार आ गई।

ग्रामीणों का आरोप नशे में था जवान :

इस बाबत ग्रामीणों का कहना था कि जो जवान गांव में छूट गया था वह शराब के नशे में था। उसके साथ कोई मारपीट नहीं की गई थी, बल्कि वह खुद ही गिर कर घायल हो गया था। जवान का हथियार भी किसी ग्रामीण ने नहीं छीना था। बल्कि जहां वह गिरा था, वहीं उसका हथियार भी पड़ा हुआ था।

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