LIVE PALAMU NEWS DESK : अपने चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर अली लारीजानी की मौत के बाद ईरान बौखला गया है। जिसके बाद उसने खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। जिसके कारण पूरा मिडिल ईस्ट मौत, तबाही, हत्याओं और एक ऐसे ऊर्जा संकट की चपेट में आ गया है, जो इस क्षेत्र से कहीं ज्यादा दूर तक फैलता नजर आ रहा है।
मंगलवार तड़के कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी सशस्त्र सेनाओं ने देश पर किए गए एक मिसाइल हमले को रोक दिया। वहीं, कुवैत नेशनल गार्ड ने बताया कि उसने भोर के समय एक मानवरहित विमान को मार गिराया। यह बयान कुवैती सेना के उस बयान के कुछ घंटों बाद आया, जिसमें उसने कहा था कि वह दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोक रही है।
यूएई, सऊदी अरब और बहरीन ने भी हाल के घंटों में मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने की सूचना दी है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पूर्वी क्षेत्र में एक ड्रोन को रोकने और नष्ट करने की जानकारी दी।
इससे पहले मंगलवार को यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश की हवाई सुरक्षा प्रणाली फिलहाल ईरान से आ रहे मिसाइल और ड्रोन के खतरों का जवाब दे रही है। यह घोषणा ईरान की ओर से एक और कथित हमले की खबर आने के चार घंटे बाद की गई। बाद में दुबई में एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी।
बता दें कि खाड़ी देशों में कई मौतें हुई हैं, जहां युद्ध शुरू होने के बाद से आर्थिक प्रभाव भी बहुत तेजी से फैल रहा है। 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान खाड़ी देशों पर लगातार हमले कर रहा है। उसका तर्क है कि वह उन सैन्य ठिकानों पर हमला कर रहा है जिनका इस्तेमाल अमेरिका युद्ध के लिए करता है। खाड़ी देशों ने तेहरान के इन दावों को खारिज कर दिया है और इस बात पर जोर दिया है कि उन पर किए जा रहे ये हमले पूरी तरह से अनुचित हैं।