मेदिनीनगर :  जिला हाई स्कूल, मेदिनीनगर अब ज्ञान, साहित्य और संस्कृति के रंगों से सराबोर होने जा रहा है। पलामू में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने जा रहा चार दिवसीय भव्य पुस्तक मेल 22 से 25 मई, 2026 तक जिला हाई स्कूल, मेदिनीनगर, पलामू में आयोजित किया जाएगा।

यह पुस्तक मेला केवल पुस्तकों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि साहित्य, संस्कृति, ज्ञान और रचनात्मकता का विराट उत्सव साबित होगा। समय इंडिया ट्रस्ट, नई दिल्ली, पुस्तक मेला समिति (रजि.), प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन (प्राण), रांची एवं जिला प्रशासन, पलामू के सहयोग से आयोजित इस मेले को लेकर पूरे शहर में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

मेले का विधिवत उद्धघाटन 22 मई को प्रातः 11 बजे किया जाएगा। प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक पुस्तक प्रेमियों के लिए मेले के द्वार खुले रहेंगे। पूरा मेला परिसर आकर्षक सजावट, रंग-बिरंगे पुस्तक स्टॉल, साहित्यिक वातावरण और सांस्कृतिक गतिविधियों से गुलजार रहेगा।

आयोजकों के अनुसार यह मेला समाज में पठन-पाठन की संस्कृति को मजबूत करने और नई पीढ़ी को पुस्तकों से जोड़ने का एक बड़ा प्रयास है।

देश के नामचीन प्रकाशनों की भागीदारी

इस पुस्तक मेले में समय प्रकाशन, यश प्रकाशन, दीपा प्रकाशन, अनु प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, प्रभात प्रकाशन, राधाकृष्ण प्रकाशन, पेंगुइन प्रकाशन, हिन्द युग्म, गीता प्रेस, डायमंड बुक्स, मनोज पब्लिकेशंस, संवाद प्रकाशन, गोवो बुक्स, क्राउन बुक्स, उपकार प्रकाशन तथा अन्य प्रतिष्ठित प्रकाशनों की हजारों पुस्तकें एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगी।

साहित्य, समसामयिक विषय, प्रतियोगी परीक्षाओं, धार्मिक ग्रंथों, बच्चों की किताबों, प्रेरणादायक साहित्य, विज्ञान, इतिहास और संस्कृति से जुड़ी पुस्तकों की विस्तृत श्रृंखला हर आयु वर्ग के पाठकों को अपनी ओर आकर्षित करेगी।

शेर-ओ-शायरी और प्रतियोगी पुस्तकों की रहेगी विशेष धूम

मेले में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों के साथ-साथ शेर-ओ-शायरी, ग़ज़ल, कविता संग्रह और प्रेरणादायक साहित्य की पुस्तकों की विशेष मांग देखने को मिलेगी। युवाओं और साहित्य प्रेमियों में हिंदी साहित्य एवं उर्दू शायरी की पुस्तकों को लेकर खास उत्साह बना हुआ है।

झारखंड की संस्कृति और इतिहास पर आधारित पुस्तकें होंगी आकर्षण का केंद्र

मेले में समय प्रकाशन समूह के स्टॉल पर झारखंड के 28 क्रांतिकारियों का सेट, 25 जनजातियों, 8 आदिम जनजातियों, 24 जिलों, पर्यटन समग्र, झारखंड के मंदिरों, इतिहास, लोक संस्कृति, परंपरा और प्रमुख नदियों पर आधारित पुस्तकें विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को जानने और समझने के इच्छुक पाठकों के लिए यह संग्रह बेहद खास होगा।

बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को मिलेगा मंच

पुस्तक मेले में बच्चों और युवाओं के लिए चित्रकला, कविता पाठ, कहानी सुनाओ, नृत्य, भाषण एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिताओं में भागीदारी नि:शुल्क होगी तथा विजेताओं को प्रमाण पत्र, पुस्तकें एवं आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

इसके साथ ही कवि सम्मेलन, साहित्यिक गोष्ठियां एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जो मेले को एक जीवंत साहित्यिक उत्सव का रूप देंगे। स्थानीय एवं आमंत्रित साहित्यकार अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *