मेदिनीनगर : मंगलवार को जिले के दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने जनसेवा की अनूठी मिसाल पेश करते हुए स्वयंसेवक की भूमिका निभाते हुए बच्चों एवं राहगीरों को पानी परोसा। मौका था मेदिनीनगर के छः मुहान पर प्याऊ के उद्घटान का। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
इस अवसर पर उपायुक्त ने स्वच्छता का भी विशेष संदेश दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि पानी पीने के बाद उपयोग किए गए ग्लास को खुले में इधर-उधर न फेंकें, बल्कि निर्धारित स्थान पर ही रखें, ताकि स्वच्छता बनी रहे और पर्यावरण सुरक्षित रहे। उपायुक्त ने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को जनसेवा की भावना से स्वयंसेवक बनकर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि “मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है” और ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से इस प्रकार के जनहितकारी कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि समाज में सहयोग, सेवा और स्वच्छता की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सके।