मेदिनीनगर : पलामू प्रक्षेत्र के डीआईजी नौशाद आलम ने पलामू, गढ़वा और लातेहार जिले के उपायुक्तों को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिया है कि पोस्टमार्टम और पीड़िता के चोट जांच (इंजरी) रिपोर्ट थानों को समय पर उपलब्ध करायी जाए।

डीआईजी ने पत्र में उल्लेख किया है कि रिपोर्ट देर से मिलने के कारण कई आपराधिक मामलों की जांच समय पर पूरी नहीं हो पा रही है। इससे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत निर्धारित समयसीमा में चार्जशीट दायर करने में कठिनाई हो रही है। गंभीर अपराधों में पुलिस को 90 दिनों के भीतर और अन्य मामलों में 60 दिनों के भीतर जांच पूरी करनी होती है, लेकिन रिपोर्ट की देरी न्याय व्यवस्था में बाधा बन रही है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि कई ऐसे मामले, जिनका पोस्टमार्टम जिला अस्पतालों में किया जा सकता है, उन्हें भी अनावश्यक रूप से रांची रेफर किया जा रहा है। इससे न केवल समय और संसाधन की बर्बादी होती है, बल्कि पीड़ित परिवारों को भी अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

डीआईजी ने उपायुक्तों से अनुरोध किया है कि वे सिविल सर्जन को निर्देशित करें कि सभी पोस्टमार्टम और इंजरी रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा में थानों को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही केवल वही मामले रांची भेजे जाएं, जो वास्तव में रेफर करने योग्य हों। डीआईजी ने इसे न्यायिक प्रक्रिया को समय पर पूरा करने और जनता को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम बताया है।

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