गढ़वा : विगत दिनों चिनियां निवासी एक युवक का क्षत विक्षत शव कुसुमदामर झाड़ी से बरामद हुआ था। जिसकी पहचान राजेंद्र कोरवा के पुत्र सुशील कोरवा (उम्र लगभग 22 वर्ष) के रूप में हुई है। मामले में मृतक के परिजनों ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

इस मामले में रविवार को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि सुशील कोरवा की गुमशुदगी की सूचना चिनियां थाना में मिलने के बाद वरीय अधिकारियों को अवगत कराते हुए उनकी बरामदगी हेतु विशेष दल का गठन किया गया था।
जिसके बाद 17 अक्टूबर 2025 को कुसुमदामर की झाड़ी से सुशील कोरवा का शव बरामद हुआ। इसके बाद मृतक के पिता के बयान पर कांड संख्या 42/25 दर्ज की गई। जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नामजद अभियुक्त रोहित कुमार यादव, संतोष यादव और कोमल यादव को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तीन लाठियां, सुशील कोरवा के कपड़े, मोबाइल और चप्पल बरामद कर जब्त किया है। अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। डीएसपी ने बताया कि 12 अक्टूबर 2025 की रात करीब 3 बजे सुशील कोरवा गढ़वा से कार्यक्रम देखकर दोस्तों के साथ चिनियां लौटे थे।
घर न जाकर वे अभियुक्त रोहित यादव के बथान पर भैंस के पास खड़े थे। उसी दौरान रोहित यादव ने उन्हें देख लिया और भैंस चोरी के संदेह में लाठी से पीटना शुरू कर दिया, साथ ही चोर-चोर का शोर मचाने लगा। हल्ला सुनकर संतोष यादव और कोमल यादव भी मौके पर पहुंचे और तीनों ने मिलकर सुशील कोरवा को बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई।
इसके बाद तीनों ने शव को झाड़ी में छिपा दिया और मृतक का कपड़ा, मोबाइल एवं चप्पल उसके भाई मुकेश कोरवा को सौंप दिया ताकि सच्चाई छिपाई जा सके।
छापामारी दल में डीएसपी रोहित रंजन सिंह, पुलिस इंस्पेक्टर अभिजीत गौतम, थाना प्रभारी अमित कुमार, सब-इंस्पेक्टर राधेश्याम राम, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार, ओमप्रकाश और मोहन सिंह शामिल थे।