शराब बनाती हुई भट्ठी ध्वस्त, 11 क्विंटल जावा महुआ विनष्ट

अवैध शराब के अड्डे ग्रामीण क्षेत्र की विधि व्यवस्था को करते हैं प्रभावित : एसडीएम

गढ़वा : सदर एसडीएम संजय कुमार ने मझिआंव प्रखंड के रामपुर में सोमवार को अवैध शराब निर्माण के विरुद्ध औचक छापेमारी की। लगभग दो माह पूर्व भी एसडीएम ने अपनी अगुवाई में इस इलाके में अवैध शराब के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की थी। बाद में उत्पाद विभाग को निर्देश देकर भी उन्होंने इस इलाके में छापेमारी करवाई थी।

काफी दिनों तक इस इलाके में अवैध शराब का निर्माण बंद रहा। लेकिन पीछे कुछ दिनों से फिर से एसडीएम को शिकायतें मिल रही थीं। इसलिए उन्होंने आज दोबारा छापेमारी की। जहाँ मौके पर धधकती हुई भट्ठी मिली जिसमें अवैध रूप से शराब तैयार की जा रही थी।

उन्होंने अपने सुरक्षा कर्मियों की मदद से भट्टी को मौके पर ध्वस्त करवा दिया। बाद में उस इलाके में सघन जांच करने पर झाड़ियों के बीच तीन अलग-अलग इलाकों में कई ड्रमों में भरकर रखी गई लगभग 11 कुंतल जावा महुआ (अर्ध निर्मित शराब) मिली, जिसे मौके पर विनष्ट करवा दिया गया साथ ही शराब बनाने में उपयोग की जा रही सामग्री एवं उपकरण भी नष्ट किए गए।

वहीं  छापेमारी की भनक लगते ही फरार हो गए। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों की निशानदेही के आधार पर तीन संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है, पता चला है कि उक्त अवैध शराब निर्माण काम में प्रकाश पासवान, रामजीवन पासवान व अखिलेश पासवान संलिप्त है, जो इस क्षेत्र की विधि व्यवस्था के लिए संकट पैदा कर रहे हैं।

चूंकि पूर्व में भी इन पर दो बार छापेमारी हो चुकी है, इसके बावजूद अभी भी शराब निर्माण काम में संलिप्तता के चलते एसडीएम ने इन्हें आदतन अपराधी घोषित करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 129 के तहत गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की है।

एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि गांव देहात में चल रहे ये अवैध शराब के अड्डे न केवल ग्रामीण क्षेत्र की विधि व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे हैं बल्कि परिवारों के विघटन और घरेलू अपराधों की जड़ बन रहे हैं। इसलिए अनुमंडल क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण किसी भी स्थिति में माफ नहीं की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे गैरकानूनी कार्यों में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने उत्पाद विभाग तथा स्थानीय थानों को भी इस दिशा में सजग रहते हुये कार्रवाई करते रहने को कहा।

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