LIVE PALAMU NEWS DESK : यूपी के मेरठ में वसूलीबाज पुलिसकर्मियों के एक गिरोह का खुलासा हुआ है। 5 पुलिसकर्मियों का यह गिरोह डॉयल 112 में तैनात था। पुलिसकर्मी गश्त के दौरान खुद ही कंट्रोल रूम में झूठी सूचना देते थे और फिर खुद उस स्थान पर पहुंच कर वसूली करते थे। इतना ही नहीं, वसूली के बाद ये कंट्रोल रूम में फोन कर शिकायत को क्लोज भी करा देते थे।

गिरोह का खुलासा तब हुआ जब ऐसी ही एक झूठी सूचना का मामला सामने आया। इधर मामला सामने आने के बाद एसएसपी मेरठ ने गिरोह में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।
एसएसपी विपिन ताडा के मुताबिक परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र की पीआरबी में यह पांचों पुलिसकर्मी दो शिफ्टों में गश्त करते थे। ड्यूटी के दौरान ये खुद ही किसी राहगीर के फोन से कंट्रोल रूप में किसी अपराध की सूचना देते थे। क्योंकि उस घटना स्थल के नजदीक इन्हीं की लोकेशन मिलती थी।
इसलिए यह कंप्लेंट इन्हीं मिल भी जाती थी। इसके बाद ये उस स्थान पर जाकर अवैध वसूली करते और फिर कंट्रोल रूप में फोन कर कंपलेंट क्लोज करा देते। इन पुलिसकर्मियों की पहचान पीआरवी UP32DG 6343 पर दोनों शिफ्ट में तैनात यशपाल सिंह, प्रमोद कुमार, जितेन्द्र कुमार, चालक राजन, होमगार्ड सुशील कुमार के रूप में हुई है।
क्या है मामला :
दरअसल, आरोपी पुलिसकर्मियों ने एक राहगीर के फोन से कंट्रोल रूम में फोन किया और कहा कि अवैध शराब बेची जा रही है। चूंकि घटना स्थल के आसपास इन्हीं पुलिसकर्मियों की लोकेशन मिल रही थी। ऐसे में इस कंप्लेंट के बाद इन्हें इवेंट असाइन हो गया।
थोड़ी देर बाद इन पुलिसकर्मियों ने मौके से कंट्रोल में फोन कर कंपलेंट क्लोज करा दिया। कह दिया कि सूचना फर्जी थी। इसके बाद कंट्रोल रूम से फीडबैक के लिए उस नंबर पर कॉल किया गया तो वह फोन बंद मिला।
ऐसे हुआ खुलासा
इसी प्रकार एक अन्य मामले में कंट्रोल रूप से फीडबैक कॉल आया तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने कहा कि फोन उसने नहीं, बल्कि पुलिस वालों ने उसका फोन लेकर खुद किया था।संदेह होने पर कंट्रोल रूम से एसएसपी मेरठ को सूचना दी गई। सूचना पर एसएसपी ने जांच कराई और पूरे मामले का खुलासा हो गया। जिसके बाद पुलिस ने इन्हें सस्पेंड करते हुए मुकदमा दर्ज कराया।