आठवीं और दसवीं पास युवक दे रहे थे सेवाएं
गढ़वा : मंगलवार को डंडई क्षेत्र भ्रमण के दौरान एसडीएम संजय कुमार एक अल्ट्रासाउंड केंद्र और एक मेडिकल स्टोर को बंद करवा दिया। दरअसल वे जब भी यहां से गुजरते थे इस अल्ट्रासाउंड केंद्र के संचालक और मेडिकल स्टोर के संचालक अक्सर भाग खड़े होते थे इसलिए उन्हें हमेशा यह संदिग्ध लगता था।

इसी क्रम में मंगलवार को जब एसडीएम की गाड़ी वहां से गुजरी तो धड़ाधड़ वे लोग दरवाजा बंद करके भागने लगे, भागने के क्रम में दो युवाओं को बाइक में बैठते ही एसडीएम ने उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे लोग ही अल्ट्रासाउंड केंद्र और मेडिकल स्टोर में बैठते हैं।
युवकों ने किया गुमराह करने का प्रयास :
मेडिकल स्टोर में बैठने वाला व्यक्ति सुमन यादव महज आठवीं पास है जबकि अल्ट्रासाउंड ऑपरेट करने वाला युवक राकेश कुमार दसवीं पास है। दोनों लोग ग्राम रारो डंडई के निवासी हैं। शुरूआत में दोनों युवकों ने गुमराह करने का प्रयास किया कि वे केवल सहायता के लिए वहां बैठते हैं।

बाकी अन्य डॉक्टर और टेक्निशियन आते हैं। किंतु स्थानीय लोगों ने बताया कि ये दोनों लोग ही इस अल्ट्रासाउंड केंद्र व मेडिकल स्टोर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अल्ट्रासाउंड कार्य करने वाले दिनेश कुमार ने बताया कि उनके यहां डा. प्रियंका रानी अल्ट्रासाउंड का कार्य करती हैं, किंतु जब उससे कहा गया कि अभी प्रियंका रानी से बात करायें तो उसने प्रियंका रानी का कोई संपर्क सूत्र नहीं होने की बात कही।
मौके पर नहीं मिला रजिस्टर व मेडिकल स्टोर का लाइसेंस :
वे अल्ट्रासाउंड से संबंधित कोई रजिस्टर व मेडिकल स्टोर का लाइसेंस आदि भी मौके पर नहीं दिखा पाए। मामला संदिग्ध लगते ही एहतियातन मौके पर ही एसडीएम ने अल्ट्रासाउंड केंद्र और मेडिकल स्टोर को अगले आदेश तक के लिए बंद करवा दिया, साथ ही निर्देश दिया कि जब तक सिविल सर्जन ड्रग इंस्पेक्टर की स्तर से जांच ना हो जाए तब तक वे इसे नहीं खोला जाए।
बिना मानक के संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों को चिन्हित कर होगी कार्रवाई :
सना मेडिकल एजेंसी एवं सना अल्ट्रासाउंड केंद्र किसी परवेज अंसारी व शमीम अंसारी का बताया जा रहा है, जो मौके पर मौजूद नहीं थे। इस दौरान एसडीएम ने कहा कि पूर्व की कई जांचों में स्पष्ट हुआ है कि लोग बिना मानक के अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित कर रहे हैं इस पर स्वास्थ्य विभाग को लापरवाही नहीं बरतना चाहिए, ऐसे सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को चिन्हित कर कार्रवाई के लिए सिविल सर्जन को लिखा जा रहा है।