तीन साल से जमे बिलिंग क्लर्क के स्थानांतरण पर जोर

मेदिनीनगर : जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने शुक्रवार को टाउन हॉल में जिले के सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।बैठक में सर्वप्रथम उन्होंने सभी से कहा कि जिस तरह आप सभी अपने निजी पैसों को खर्च करने में सतर्कता बरतते हैं,अगर वही सतर्कता कोषागार से निकासी करते समय बरती जाये तो अवैध निकासी की संभावना न के बराबर रह जायेगी।

उन्होंने सभी डीडीओ को कोषागार से संबंधित वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता एवं अवैध निकासी पर रोक लगाने के लिए कड़े निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि वेतन भुगतान से पूर्व प्रत्येक कर्मी का समुचित सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। कर्मियों के नाम, पदनाम, जन्म तिथि, नियुक्ति तिथि सहित सभी विवरणों का मिलान सर्विस बुक एवं अभिलेखों से सुनिश्चित किया जाए।

बिना सत्यापन के वेतन निर्गत नहीं होगा।उन्होंने निर्देश दिया कि बैंक खाता से संबंधित जानकारी जैसे खाता संख्या,आईएफएससी कोड आदि का सत्यापन पासबुक अथवा रद्द चेक के माध्यम से अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही आधार, पैन, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी जैसे विवरण भी अभिलेखों में अद्यतन रहें।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी कर्मियों का एम्पोलायी प्रोफाइल पूर्ण रूप से अपडेट कर उसे फ्रीज किया जाए, ताकि अनधिकृत बदलाव की संभावना समाप्त हो। विशेष परिस्थिति में ही प्रोफाइल अनफ्रीज किया जाए और उसकी निगरानी सुनिश्चित की जाये।उपायुक्त ने डीडीओ लेवल मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से सभी प्रविष्टियों को ऑनलाइन अपडेट करने, समय पर अग्रसारित करने तथा आईटीसी कोड के अनुरूप सत्यापन करने पर बल दिया।

इसके अलावा एसीपी/एमएसीपी जैसी सेवा संबंधित प्रविष्टियों को भी अद्यतन रखने का निर्देश दिया गया।उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी परिस्थिति में अस्थायी आईडी का दुरुपयोग न हो तथा अनावश्यक आईडी को हटाया जाए।सुरक्षा को लेकर उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिया कि कोई भी पदाधिकारी अपना ओटीपी किसी के साथ साझा नहीं करेंगे।

वित्तीय अनुशासन को और मजबूत करने के लिए उन्होंने तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही पद पर कार्यरत बिलिंग क्लर्कों का स्थानांतरण या कार्य परिवर्तन सुनिश्चित करने को कहा। जिन कार्यालयों में केवल एक ही लिपिक हैं, वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी बिंदुओं के अनुपालन के प्रमाण स्वरूप डीडीओ द्वारा विपत्रों में प्रमाण-पत्र अंकित करना अनिवार्य होगा।

बिना प्रमाण-पत्र के कोषागार से कोई भी भुगतान नहीं किया जाएगा।इसके पूर्व अपर समाहर्ता कुंदन कुमार एवं कोषागार पदाधिकारी ने सभी को ट्रेजरी से जुड़े विभिन्न नियमों से सभी डीडीओ को अवगत कराया।

ये रहे उपस्थित :

बैठक में अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, कोषागार पदाधिकारी, एलआरडीसी प्यारे लाल, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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