LIVE PALAMU NEWS DESK: भारत के दवा बाजार पर पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध का असर दिखाई देने लगा है। कच्चे माल की कीमतों में तेजी के कारण बुखार और पेनकिलर से लेकर सर्जिकल सामान तक महंगे होने की संभावना जताई जा रही है। कारोबारियों के अनुसार, दवा और सर्जिकल आइटम के रेट में 20 से 25 प्रतिशत की तेजी आ सकती है। जिसे लेकर दवा बाजार में हलचल है।

दवाओं के मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर ने बताया कि दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई जरूरी कच्चे माल, जैसे केमिकल कंपोनेंट्स, प्लास्टिक और एल्युमीनियम की कीमतों में हाल के दिनों में बढ़ोतरी हुई है। इनका सीधा असर दवा कंपनियों की लागत पर पड़ रहा है।
दरअसल, टैबलेट और सिरप के निर्माण के साथ-साथ उनकी पैकेजिंग में भी प्लास्टिक और एल्युमीनियम का बड़ा उपयोग होता है। कीमतें बढ़ने से कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ रही है, जिसका असर अब दवा की कीमतों पर दिखने लगा है।