मेदिनीनगर : गुरुवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) से मार्च माह में घटित सड़क दुर्घटनाओं एवं सड़क सुरक्षा के तहत किए जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी ली।बताया गया कि मार्च माह में कुल 36 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 30 लोगों की मृत्यु हुई तथा 23 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इन आंकड़ों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने संबंधित विभागों को दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के क्रम में बताया गया कि हिट एंड रन के कुल 94 मामले लंबित हैं, जिनमें जीआईसी स्तर पर 27 तथा अनुसंधान स्तर पर 58 मामले पेंडिंग हैं। उपायुक्त ने इन मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि पीड़ितों को शीघ्र न्याय एवं मुआवजा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
उपायुक्त ने बैठक में यातायात नियमों के सख्त अनुपालन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों,गलत साइड से वाहन चलाने,बिना सीट बेल्ट चारपहिया वाहन चालकों तथा ओवरस्पीडिंग करने वालों के विरुद्ध नियमित जांच अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग कर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहन चालकों पर भी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देशित किया कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई हेतु ब्रेथ एनलाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग से शीघ्र पत्राचार करें। इसके साथ ही प्रमुख चौक-चौराहों एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में नियमित चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावे सिविल सर्जन को गुड सेमेरिटन से जुड़े सभी लंबित आवेदनों को 24 घंटे के भीतर निष्पादन करने की बात कही।बैठक में पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी समेत सड़क सुरक्षा के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।